नई दिल्ली: देश में करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। 3 ने निष्क्रिय (Inactive) EPF खातों से जुड़ा एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई है।
EPF क्या है?
EPF भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाला एक संगठन है जो कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत को सुरक्षित रखने का काम करता है।
कर्मचारी की सैलरी का एक हिस्सा और कंपनी का योगदान EPF खाते में जमा होता है। यह राशि समय के साथ ब्याज के साथ बढ़ती रहती है।
निष्क्रिय EPF खाता क्या होता है?
जब कोई कर्मचारी अपनी नौकरी बदल देता है या लंबे समय तक EPF खाते में कोई लेनदेन नहीं करता, तो वह खाता “Inactive” यानी निष्क्रिय माना जाता है।
सरकार की नई योजना क्या है?
EPF के अनुसार एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसे निष्क्रिय खातों की पहचान की जाएगी जिनमें ₹1000 या उससे कम राशि है।
इसके बाद यह राशि सीधे कर्मचारियों के आधार लिंक बैंक अकाउंट में भेजी जा सकती है।
ऑटोमैटिक भुगतान कैसे होगा?
| प्रक्रिया | विवरण |
|---|---|
| खाते की पहचान | निष्क्रिय EPF खातों की पहचान की जाएगी |
| बैलेंस जांच | ₹1000 या उससे कम राशि वाले खाते चुने जाएंगे |
| आधार लिंक | आधार और बैंक अकाउंट लिंक की जांच |
| ऑटो ट्रांसफर | राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाएगी |
कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
- छोटी रकम निकालने के लिए क्लेम करने की जरूरत नहीं होगी
- पैसा सीधे बैंक अकाउंट में मिलेगा
- EPF सिस्टम अधिक आसान और डिजिटल बनेगा
- निष्क्रिय खातों की संख्या कम होगी
₹1000 से ज्यादा राशि वाले खातों का क्या होगा?
फिलहाल यह योजना केवल ₹1000 या उससे कम राशि वाले खातों के लिए शुरू की जा रही है।
यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में सरकार इसे बड़े बैलेंस वाले खातों पर भी लागू कर सकती है।
भारत में EPF का दायरा
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल EPF सदस्य | 6 करोड़ से अधिक |
| निष्क्रिय खाते | लाखों |
| छोटी राशि वाले खाते | बड़ी संख्या में |
निष्कर्ष
निष्क्रिय EPF खातों से ₹1000 तक की राशि का ऑटोमैटिक ट्रांसफर कर्मचारियों के लिए एक बड़ा राहत कदम साबित हो सकता है।
इससे लाखों लोगों को उनका पैसा बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे बैंक खाते में मिल सकेगा।
